आज से होलाष्टक लग जाएगा। होली के आठ दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक लगता है जो पूर्णिमा तक जारी रहता है। इस काल खंड में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य दीपक शर्मा के अनुसार होली के पूर्व होलाष्टक का अपना अलग महत्व है। होलाष्टक को नवनेष्ट यज्ञ की शुरुआत का कारक भी माना जाता है। यानि इस दिन से सभी प्रकार के नए फलों, अन्न, चना, गन्ना आदि का प्रयोग शुरू कर दिया जाता है। होलाष्टक पांच मार्च से 12 मार्च तक रहेगा। इस दौरान हर तरह के शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि वर्जित माना गया है। फाल्गुन मास को अग्नि प्रधान माना जाता है, इसलिए होलाष्टक के दौरान इन कार्यों को करने से उसमें अग्नि के ताप का कष्ट मिलता है। इस वर्ष जिन लड़कियों की शादी हुई हो उन्हें भी अपने ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए।...

फेंगशुई में ऐसी कई चीजों का जिक्र किया गया है जिन्हें घर में रखने से समृद्धि और खुशहाली आती है। फेंगशुई में कछुए को शुभ माना गया है। आगे जानिए कि कैसे और किस दिशा में रखें कछुए को।
कहते हैं कछुए को रखने से घर में शांति रहती है। यह अपने साथ दौलत, शोहरत और कामयाबी लाता है। लेकिन ध्यान रखें कि कछुआ किस दिशा नें रखा है। इसे हमेशा मकान या ऑफिस की उत्तर दिशा में रखना चाहिए, तभी इसका कमाल देखने को मिलेगा। इसके साथ ही उसे ऐसे रखें जैसे वह प्रवेश कर रहा हो। इसका मुख घर के अंदर की तरफ होना चाहिए।

इसे कभी भी बेडरुम में ना रखें। और दो कछुओं को कभी साथ में घर में ना रखें। इससे आपकी राह में बाधा आ सकती है। कछुए को रखने के लिए एक बर्तन लें और उसमें पानी रखें। इसमें कछुए को रखकर उत्तर दिशा में रखें।...

आज से होलाष्टक लग जाएगा। होली के आठ दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक लगता है जो पूर्णिमा तक जारी रहता है। इस काल खंड में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य दीपक शर्मा के अनुसार होली के पूर्व होलाष्टक का अपना अलग महत्व है। होलाष्टक को नवनेष्ट यज्ञ की शुरुआत का कारक भी माना जाता है। यानि इस दिन से सभी प्रकार के नए फलों, अन्न, चना, गन्ना आदि का प्रयोग शुरू कर दिया जाता है। होलाष्टक पांच मार्च से 12 मार्च तक रहेगा। इस दौरान हर तरह के शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि वर्जित माना गया है। फाल्गुन मास को अग्नि प्रधान माना जाता है, इसलिए होलाष्टक के दौरान इन कार्यों को करने से उसमें अग्नि के ताप का कष्ट मिलता है। इस वर्ष जिन लड़कियों की शादी हुई हो उन्हें भी अपने ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए।...

फेंगशुई में ऐसी कई चीजों का जिक्र किया गया है जिन्हें घर में रखने से समृद्धि और खुशहाली आती है। फेंगशुई में कछुए को शुभ माना गया है। आगे जानिए कि कैसे और किस दिशा में रखें कछुए को।
कहते हैं कछुए को रखने से घर में शांति रहती है। यह अपने साथ दौलत, शोहरत और कामयाबी लाता है। लेकिन ध्यान रखें कि कछुआ किस दिशा नें रखा है। इसे हमेशा मकान या ऑफिस की उत्तर दिशा में रखना चाहिए, तभी इसका कमाल देखने को मिलेगा। इसके साथ ही उसे ऐसे रखें जैसे वह प्रवेश कर रहा हो। इसका मुख घर के अंदर की तरफ होना चाहिए।

इसे कभी भी बेडरुम में ना रखें। और दो कछुओं को कभी साथ में घर में ना रखें। इससे आपकी राह में बाधा आ सकती है। कछुए को रखने के लिए एक बर्तन लें और उसमें पानी रखें। इसमें कछुए को रखकर उत्तर दिशा में रखें।...

आज से होलाष्टक लग जाएगा। होली के आठ दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक लगता है जो पूर्णिमा तक जारी रहता है। इस काल खंड में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य दीपक शर्मा के अनुसार होली के पूर्व होलाष्टक का अपना अलग महत्व है। होलाष्टक को नवनेष्ट यज्ञ की शुरुआत का कारक भी माना जाता है। यानि इस दिन से सभी प्रकार के नए फलों, अन्न, चना, गन्ना आदि का प्रयोग शुरू कर दिया जाता है। होलाष्टक पांच मार्च से 12 मार्च तक रहेगा। इस दौरान हर तरह के शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि वर्जित माना गया है। फाल्गुन मास को अग्नि प्रधान माना जाता है, इसलिए होलाष्टक के दौरान इन कार्यों को करने से उसमें अग्नि के ताप का कष्ट मिलता है। इस वर्ष जिन लड़कियों की शादी हुई हो उन्हें भी अपने ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए।...

फेंगशुई में ऐसी कई चीजों का जिक्र किया गया है जिन्हें घर में रखने से समृद्धि और खुशहाली आती है। फेंगशुई में कछुए को शुभ माना गया है। आगे जानिए कि कैसे और किस दिशा में रखें कछुए को।
कहते हैं कछुए को रखने से घर में शांति रहती है। यह अपने साथ दौलत, शोहरत और कामयाबी लाता है। लेकिन ध्यान रखें कि कछुआ किस दिशा नें रखा है। इसे हमेशा मकान या ऑफिस की उत्तर दिशा में रखना चाहिए, तभी इसका कमाल देखने को मिलेगा। इसके साथ ही उसे ऐसे रखें जैसे वह प्रवेश कर रहा हो। इसका मुख घर के अंदर की तरफ होना चाहिए।

इसे कभी भी बेडरुम में ना रखें। और दो कछुओं को कभी साथ में घर में ना रखें। इससे आपकी राह में बाधा आ सकती है। कछुए को रखने के लिए एक बर्तन लें और उसमें पानी रखें। इसमें कछुए को रखकर उत्तर दिशा में रखें।...